संक्षिप्त परिचय
एटा जिले की तहसील अलीगंज के अन्तर्गत तरगवाँ, जैथरा सर्वप्रमुख ग्राम हैं। यह महाविद्यालय एटा से 40km है जो कि फर्रुखाबाद रोड की तरफ जैथरा चौराहे से कुरावली रोड पर स्थित है। इस तहसील के अन्तर्गत कोई शासकीय महाविद्यालय न होने के कारण स्थानीय छात्र/छात्राएँ गुणवत्तायुक्त अध्ययन अध्यापन से वंचित थे। अतः स्थानीय जनप्रतिनिधियों का अथक प्रयास रंग लाया और उ०प्र० सरकार ने यहाँ आदर्श राजकीय महाविद्यालय खोजने का आदेश जारी कर दिया इस महाविद्यालय में वाणिज्य संकाय, कला संकाय एवं विज्ञान संकाय के विभिन्न विषयों की शिक्षा प्रदान की जाती है।
शासनादेशानुसार प्राचार्य के अतिरिक्त प्रत्येक विषय के एक-एक प्रवक्ता, पुस्तकालयाध्यक्ष, वरिष्ठ लिपिक एवं कनिष्ठ लिपिक तथा पाँच चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पदों का सृजन शासन द्वारा किया गया। महाविद्यालय का प्रथम सत्र जुलाई 2018 में प्रारम्भ हुआ।
विविध विषयों में निष्ठावान विज्ञजनों से समृद्ध यह महाविद्यालय अल्प समय में ही अपनी प्रतिष्ठा के साथ उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नकलविहीन परीक्षा सम्पन्न करा कर एटा जिले में नवीन प्रतिमान स्थापित कर रहा है। नियमित कक्षाओं के संचालन के साथ पाठ्यक्रम सहगामी क्रियाओं का भी पूर्णतः संचालन होता है जिससे विद्यार्थियों का बहुमुखी विकास हो सके। महाविद्यालयों में छात्रों के कल्याण हेतु विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। अनुशासन परिषद विद्यार्थियों को अनुशासित कर आत्मानुशासन के लिए प्रेरित करती है। इन विशेषताओं के कारण ही महाविद्यालय ने शिक्षा जगत में यश अर्जित करके महत्वपूर्ण स्थान बनाया है।
महाविद्यालय का परिदृश्य
महाविद्यालय का मूल परिदृश्य गुरू-शिष्य सम्बन्ध के पुनर्जागरण, शिष्यों के सम्पूर्ण विकास, शिक्षा की गुणात्मकता के साथ-साथ उमें मूल्यपरकता में बढ़ोत्तरी, सामाजिक दायित्व की अनुभूति वाले श्रेष्ठ युवा नागरिकों का निर्माण और उन्हें उन गुणों से सम्पन्न करना है जो उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम बना सकें। वे राष्ट्र आर समाज के लिए उपयोगी व उत्तरदायी नागरिक बनें और शोषणमुक्त समतामूलक समाज की स्थापना में सहभागी बनें। शिक्षा के साथ महाविद्यालय शैक्षिक गुणवत्ता उन्नयन, मूल्य संवर्धन व पोषण तथा शिक्षणेत्तर गतिविधियों की सक्रियता द्वारा व्यक्तित्व निर्माण की दिशा में आगे बढ़ेगा।
महाविद्यालय का उद्देश्य
महाविद्यालय में प्रदान की जाने वाली शिक्षा का मूल उद्देश्य छात्र/छात्राओं में अंतर्निहित सर्वश्रेष्ठ तत्व को प्रकट कर उसको सकारात्मक ऊर्जा से सम्पन्न करना, गुणात्मक परिशोधन के साथ-साथ मूल्यपरक तत्वों का विकास करना है। महाविद्यालय शिक्षक-शिक्षार्थी के आत्मविश्वास को जागृत कर उसे सर्वप्रथम आत्मनिर्भर और फिर समाज व राष्ट्र के लिए एक श्रेष्ठतमनागरिक के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।
